पोर्सिलेन, स्टोनवेयर और डोलोमाइट सिरेमिक में क्या अंतर है?
अक्सर लोग इन शब्दों के प्रयोग और इनके अंतर को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। दरअसल, ये सभी पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों के प्रकार हैं। इन सभी को बनाने में मिट्टी का मूल तत्व होता है। इन तीन श्रेणियों के अलावा मिट्टी के बर्तनों की अन्य उपश्रेणियाँ भी हैं, इसलिए आगे पढ़ें।
विभिन्न तापमानों पर अलग-अलग प्रकार की मिट्टी का उपयोग करने और पकाने के बाद उत्पन्न होने वाली सरंध्रता के कारण अंतर पैदा होते हैं। ध्यान रखें कि कच्ची मिट्टी को यदि पकाया न जाए तो वह पानी में घुल जाएगी।

पोर्सिलेन बोन चाइना के समान होता है, लेकिन इसमें अस्थि राख न होने के कारण यह कम पारदर्शी होता है और इसी वजह से बोन चाइना से सस्ता भी होता है। यह माइक्रोवेव और सामान्य ओवन में उपयोग के लिए आदर्श है। इसकी जल अवशोषण दर 0 से 1% है।
डोलोमाइट सभी प्रकार की मिट्टी के बर्तनों में सबसे सस्ता होता है। कम तापमान पर पकाए जाने के कारण इसमें जल अवशोषण क्षमता अधिक होती है और इसलिए यह अन्य किस्मों जितना मजबूत नहीं होता। हालांकि, इसकी जल अवशोषण क्षमता के कारण इस पर आसानी से सुंदर चित्रकारी की जा सकती है। भोजन के लिए उपयोग किए जाने पर इसे हाथ से सजाया और चमकाया जाता है। आयरनस्टोन और डोलोमाइट मिट्टी के बर्तनों की दो गुणवत्ता संबंधी किस्में हैं।


स्टोनवेयर सबसे मजबूत होता है। इसमें मिट्टी के बर्तनों की तुलना में चाइना स्टोन का प्रतिशत अधिक होता है, इसलिए यह छिद्रहीन होता है। इसे माइक्रोवेव में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है और यह बोन चाइना और पोर्सिलेन से सस्ता होता है।
सभी प्रकार की सिरेमिक सामग्री की अपनी अनूठी विशेषता होती है और इनका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इस सामग्री से सुंदर और उत्कृष्ट टेबल स्कल्पचर बनाए जाते हैं, जबकि स्टोनवेयर जग एक आम वस्तु है जो विभिन्न कीमतों पर उपलब्ध है।
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